Friday , 30 July 2021
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भारत में डायबिटीज़ पीड़ितों के लिए बजी खतरे की घंटी, नहीं मिल पाएगी इंसुलिन?

डायबिटीज़ के रोगियों के लिहाज से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चूका है और अगर यहां इंसुलिन के उत्पादन में बढ़ोत्तरी नहीं की गई तो आगामी सालों में डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों को मर्ज की रोकथाम के लिए जीवनरक्षक दवाएं नहीं मिल पाएगी।

दरअसल यह चेतावनी हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल जर्नल लैंसेट डायबिटीज एंड इंडोक्राइनोलॉजी की आई एक रिपोर्ट के जरिए दी गई है, जिसमें कहा गया है कि अगर लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल और खानपान में तेजी से बदलाव नहीं किए तो टाइप 2 डायबिटीज़ से पीड़ित इंसुलिन के जरूरतमंदों की संख्या 2030 में 7.9 करोड़ हो जाएगी।

इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आने वाले सालों में आधे से ज्यादा मरीजों को दवा उपलब्ध नहीं हो पाएगी, जिसमें भारत भी शामिल है। बता दें कि टाइप 2 डायबिटीज़ पीड़ितों और इंसुलिन के जरूरतमंदों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए डायबिटीज़ फेडरेशन ने 14 अन्य स्टडीज से आंकड़े जुटाए हैं, जिसके आधार पर उपर्युक्त बात कही गई है।

भारत, अमेरिका और चीन के हालात होंगे सबसे ज्यादा खराब

आपको बता दें कि सभी टाइप 2 डायबिटीज़ पीड़ितों को इंसुलिन की जरूरत नहीं पड़ती है। साल 2018 में दुनिया भर में इसके पीड़ितों की संख्या 40.6 करोड़ थी, लेकिन साल 2030 में 51.1 करोड़ होने का अनुमान है। इनमें से आधे से ज्यादा आबादी चीन, भारत और अमेरिका जैसे तीन देशों की होगी।

अमीर भी हो रहे वंचित

आज स्थिति ऐसी पैदा हो गई है कि अमीर देशों के लोग भी इंसुलिन की किल्लत महसूस करने लगे हैं और अमेरिका जैसे देश में इसकी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। वहां के सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।

20 फीसदी बढ़ जाएगी मांग

इस स्टडी के आधार पर एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 12 वर्षों में इंसुलिन की जरूरत 20 फीसद बढ़ जाएगी। हालांकि संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य है कि गैर संचारी रोगों के इलाज के साथ ही सबको डायबिटीज़ की दवाएं मिलना सुनिश्चित हो, लेकिन बढ़ती जरूरत से यह लक्ष्य पीछे छूटता दिख रहा है।

भारत में डायबिटीज़ के रोगियों की संख्या

भारत में डायबिटीज़ के रोगियों की संख्या की बात की जाए तो यह करीब 7.2 करोड़ हो गई है और पिछले 17 साल में ये देश में सबसे तेजी से बढ़ती बीमारी है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि अगर यह बीमारी इसी तरह बढ़ती रही तो साल 2030 तक हमारे देश में 15 करोड़ डायबिटीज़ के मरीज होंगे।

हमारे देश में डायबिटीज़ से हर साल 51,700 महिलाओं की मौत हो जाती है। हालांकि बेहतर खान-पान, व्यायाम और नियमित ब्लड शुगर लेवल की जांच के जरिए इसे कंट्रोल में रखा जा सकता है। आप अपने ब्लड शुगर लेवल की निगरानी के लिए बीटओ स्मार्टफोन ग्लूकोमीटर का उपयोग कर सकते हैं।

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2 comments

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