Monday , 23 September 2019
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डायबिटीज़ और विकलांगताः ये आसान टिप्स लाइफ को बनाएंगे बेहतर

डायबिटीज़ के दौरान व्यायाम करना दवा सेवन के समान ही है और विकलांग जन के लिए भी कई तरह के आसन सुझाए गए हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जो व्यायाम और शारीरिक गतिविधि को हल्के में लेते हैं या उसे छोड़ देते हैं, लेकिन क्या यह उचित है? आज हम इस लेख में इसी बात पर चर्चा करने जा रहे हैं।

डायबिटीज़ में व्यायाम को लेकर एक्सपर्ट्स का स्पष्ट तौर पर कहना है कि व्यायाम के साथ स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए पूर्ण गतिशीलता आवश्यकता है। अगर आपके पास चोट, विकलांगता, बीमारी या वज़न की समस्याएं हैं तो आप स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए व्यायाम का उपयोग कर सकते हैं।

हालांकि इस दौरान आपको चुनौतियों का सामना करना ही होगा, लेकिन रचनात्मक दृष्टिकोण को अपनाने से, आप अपनी शारीरिक सीमाओं को और भी बढ़ा सकते हैं। सक्रिय होने और अपने स्वास्थ्य में ज़्यादा सुधार के लिए आप अन्य तरीके भी खोज़ सकते हैं।

व्यायाम के फायदे

व्यायाम आपके शरीर से एंडोर्फिन जारी करता है जो मूड को सक्रिय करता है। यह तनाव से छुटकारा दिलाने में मदद करता है, आत्म-सम्मान को बढ़ावा देता है और कल्याण की समग्र भावना को गति देता है। व्यायाम का मनोदशा पर बहुत बड़ा असर पड़ता है और कुछ अध्ययनों के अनुसार अवसाद को खत्म करता है।

हालांकि, अगर कोई विकलांग है, वज़न की गंभीर समस्या है, पुरानी सांस की बीमारी है, डायबिटीज़ या किसी भी तरीके से बीमार हैं तो थोड़ी बहुत समस्या हो सकती है, लेकिन प्रभावी ढंग से किया जाने वाला व्यायाम इसे दूर कर सकता है।

कई मामलों में उम्र व्यायाम से दूर रखता है क्योंकि इस उम्र में व्यायाम से गिरने या चोट पहुंचाने का भी डर लगा रहता है, लेकिन सच्चाई यह है कि, आपकी वर्तमान शारीरिक स्थिति और उम्र के बावजूद व्यायाम शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कई तरीके से फायदा पहुंचाता है।

किसी भी रूप का व्यायाम कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। नीचे  कुछ अभ्यास सुझाए जा रहे हैं जो विशेष रूप से डायबिटीज़ में फायदेमंद हो सकते हैं। इसका चयन आप अपनी सुविधा और स्थिति के अनुसार कर सकते हैं।

कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम:

इस प्रकार के व्यायाम से आपकी हृदय गति बढ़ जाती है और धैर्य का स्तर बेहतर होता है। इसमें दौड़ना, नृत्य करना, तैराकी करना या वॉटर एरोबिक्स जैसी कई चीजें शामिल हैं।

तैराकी करना इसलिए भी लोकप्रिय है कि इससे मांसपेशियों और जॉइंट पैन का खतरा कम हो जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि भले ही आप अपनी कुर्सी तक सीमित हों,लेकिन आप कार्डियो रूटीन के कुछ हिस्सों को अपने जीवन में शामिल कर सकते हैं।

ताकत प्रशिक्षण:

इस प्रकार के व्यायाम को हड्डी के द्रव्यमान को बनाए रखने और संतुलन में सुधार जाने के लिए जाना जाता है। इस तरह के व्यायाम को वजन या किसी भी अन्य प्रतिरोध को दूर करने के लिए किया जा सकता है। अगर आप सीमित गतिशीलता वाले व्यक्ति हैं तो आप इसे कर सकते हैं।

फ्लेक्सिबल व्यायामः

इस प्रकार के व्यायाम के ज़रिए व्यक्ति अपने गति की सीमा को बढ़ा सकता है और शरीर की किसी भी कठोरता या दर्द को कम कर देता है। इसमें व्यायाम और योग भी शामिल है। यहां तक ​​कि अगर आपके पास सीमित गतिशीलता है तो भी आप यह अभ्यास कर सकते हैं।

इन सबके लिए आप बस यह सुनिश्चित करें कि आप जिस गतिविधि को अपना रहे हैं उसे पहले शुरू करें, और फिर खुद उसे अपनी गति दें। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जब आप इसकी शुरूआत करे तो फिर इसके क्रम को बनाएं रखें और खुद को इस बात के लिए प्रेरित करें।

एक बात और अगर आप डायबिटीज़ से जूझ रहे हैं तो आपके लिए केवल व्यायाम करना ही पर्याप्त नहीं है। आपको अपने खान-पान को दुरूस्त रखना होगा। रोज समय पर दवाइयां लेना होगा और नियमित तौर पर ब्लड ग्लूकोज़ लेवल की निगरानी करनी होगी।

आपको अपने ब्लड ग्लूकोज़ लेवल की निगरानी के लिए बीटओ स्मार्टफोन ग्लूकोमीटर का उपयोग करना चाहिए। यह कहीं भी, कभी भी ब्लड शुगर लेवल की सटीक रीडिंग देने में सक्षम है।

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