Saturday , 19 September 2020
Home » Diabetes Care and Management » Diabetes Living » भारत में तेजी से बढ़ रही है डायबिटीज़ की समस्या

भारत में तेजी से बढ़ रही है डायबिटीज़ की समस्या

आज भारतीयों के बीच हाई ब्लड शुगर लेवल या डायबिटीज़ एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। पिछले कुछ सालों में इस समस्या में काफी बढ़ोत्तरी देखी गई है। एक अध्ययन के मुताबिक भारत में हर 5 में से 1 व्यक्ति शुगर या इससे संबंधित समस्या से परेशान है ।

डायबिटीज़ के पीड़ितों के लिहाज़ से हमारा देश चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। जिसमें केवल बड़े-बुजुर्ग ही नहीं बल्कि वयस्क और अधेड़ भी शामिल हैं। भारत में टाइप 2 और टाइप 1 डायबिटीज़ दोनों प्रकार के मरीज पाए जाते हैं।

टाइप 1 डायबिटीज़

इस प्रकार का डायबिटीज़ अक्सर 40 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और वयस्कों में देखा जाता है। यह विकार तब उत्पन्न होता है जब शरीर इंसुलिन उत्पन्न करने में असक्षम होता है।  भारत में इस प्रकार के डायबिटीज़ से बच्चे भी पीड़ित हैं।

टाइप 1 डायबिटीज़ तब होता है जब पैंक्रियाज की इन्सुलिन उत्पन्न करने वाली कोशिकाएं (बीटा सेल्स) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और इस कारण इन्सुलिन उत्पादन कम या समाप्त हो जाता है और ऊर्जा के लिए प्रयोग ग्लूकोज़ शरीर की कोशिकाओं तक नहीं पहुँच पाता है।

टाइप 2 डायबिटीज़

भारत में टाइप 2 डायबिटीज़ बहुत आम है। टाइप 2 डायबिटीज़ का विकास जीवनशैली और जीन संबंधी कारकों के संयोजन से होता है। जबकि कुछ अपने नियंत्रण में होते हैं, जैसे- आहार और मोटापा, बढ़ती उम्र और जीन संबंधी कारक किसी के भी नियंत्रण में नहीं होते हैं।

नींद की कमी को भी टाइप 2 डायबिटीज़ से जोड़ा जाता है। ऐसा चपापचय पर इसके प्रभाव के कारण माना जाता है। यह ज्यादातर उन व्यक्तियों में पाया जाता है जो 40 साल से ऊपर हैं। अध्ययन में सबसे ज़्यादा इसी टाइप के मरीज पाए गए हैं। इसका कारण आनुवांशिक भी होता है।

इस प्रकार के डायबिटीज़ की सबसे बड़ी वजह आज की लाइफस्टाइल भी है। इन दिनों भारत के शहरीकरण, सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जो कि व्यक्तियों के जीवित पैटर्न में नाटकीय रूप से बदलाव लाया है और इस कारण भी व्यक्ति डायबिटीज़ की चपेट में आ रहे हैं।

मोटापे के कारण शरीर में फैट जमा होता है जो आगे चलकर हाई ब्लड ग्लूकोज़ लेवल का कारण बनता है। इस प्रकार के लोगों में डायबिटीज़ के विकसित होने की संभावना ज़्यादा होती है। इस प्रकार के डायबिटीज़ के लिए अनहेल्दी खान-पान भी जिम्मेदार है।

नियंत्रण ही बचाव है

कुल मिलाकर देखा जाए तो आज के दौर में भारत में डायबिटीज़ एक महामारी बनकर उभरा है और इसका इलाज बहुत जरूरी है। हालांकि डायबिटीज़ को जड़ से खत्म करने की कोई दवा अभी तक नहीं बनी है, लेकिन इसे हेल्दी लाइफस्टाइल के जरिए कंट्रोल में रखा जा सकता है।

आप अपने डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए अपनी दिनचर्या में व्यायाम और हेल्दी खान-पान को शामिल करें और ब्लड शुगर की लेवल की निगरानी के लिए बीटओ स्मार्टफोन ग्लूकोमीटर का उपयोग करें। इसके अलावा समय-समय पर डॉक्टर की नियमित सलाह लेते रहें। तभी आप अपना डायबिटीज़ कंट्रोल में रख सकते हैं।

Check Also

EFFECTIVE MEAL PLANNING: 10 WAYS TO CONTROL YOUR PORTION SIZE

EFFECTIVE MEAL PLANNING: 10 WAYS TO CONTROL YOUR PORTION SIZE

Effective Meal planning and portion control for Diabetes is considered as one of the best …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *