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डायबिटीज़ की परिस्थिति में बढ़ जाता है एनीमिया का खतरा

अगर कोई डायबिटीक है तो एनिमिया की जांच के लिए ब्लड की जांच करवाना जरूरी होता है। तभी इससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निपटा जा सकता है। एनिमिया की परिस्थिति में व्यक्ति के शरीर में खून की कमी के कारण चेहरा पीला या सफेद पड़ जाता है, उसका शरीर कमजोर और पतला हो जाता है, रोगी को भूख नहीं लगती है, सिरदर्द रहता है, चक्कर आते हैं, दिल की धड़कन तेज हो जाती है तथा कमजोरी के कारण रोगी कोई कार्य नहीं कर पाता है ।

यह रोग तब उत्पन्न होता है कि जब व्यक्ति के शरीर से खून अधिक मात्रा में निकल जाता है। स्त्रियों में एनिमिया रक्तस्राव या मासिकधर्म के कारण भी होता है। ऐसे में अगर कोई डायबिटीज़ से जूझ रहा है तो उसमें आंख का अंधापन और तंत्रिका क्षति की संभावना अधिक रहती हैं। यह डायबिटीज़ वाले लोगों के गुर्दे, दिल और धमनी को खराब कर सकता है।

दरअसल एक हेल्दी किडनी हर रोज एरिथ्रोपोइटीन नामक एक हार्मोन जारी करता है जो अस्थि मज्जा (बोन मैरो) को सूचारू रूप से कार्य करने की इजाजत देता है, लेकिन जब गुर्दे खराब हो जाते हैं तो वे जरूरत के मुताबिक पर्याप्त एरिथ्रोपोइटीन नहीं भेज पाते हैं।

बहुत सारे लोगों को यह बात पता ही नहीं चल पाता है कि उनके गुर्दे खराब हैं, लेकिन यह जानना कोई कठिन कार्य नहीं है। इसके लिए आपको बस अपनी जांच करानी है। अगर एनीमिया टेस्ट सकारात्मक होता है तो यह गुर्दे के साथ पैदा हुई समस्या का संकेत हो सकता है।

डायबिटीज़ वाले लोगों में रक्त वाहिकाओं के सूजन आने की अधिक संभावना होती है। यह अस्थि मज्जा (बोन मैरो) को अधिक लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने के लिए सिग्नल प्राप्त करने से रोक सकता है।

एनीमिया के लक्षण

जब मस्तिष्क और अन्य अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं मिलती है, तो यह आपको थका हुआ और कमजोर महसूस कराता है। एनिमिया के अन्य लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • सांस लेने में तकलीफ होना या चक्कर आना
  • सरदर्द रहना
  • पीली त्वचा
  • छाती में दर्द
  • हाथ और पैर का ठंडा होना
  • शरीर का तापमान कम होना
  • दिल की धड़कन तेज होना

एनीमिया का टेस्ट

कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) आपके डॉक्टर को आपके खून में क्या चल रहा है? इसकी जानकारी देता है। यह आपके लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट की गिनती करता है। यह जांच यह भी स्पष्ट करता है कि आपकी लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य आकार में हैं या नहीं? सीबीसी आपके रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर का आकलन भी करता है। यदि हीमोग्लोबिन कम है तो यह संकेत है कि आप एनीमिक हैं।

सामान्य हेमोग्लोबिन रेंज:

पुरुषों के लिए: 14 – 17.5

महिलाओं के लिए: 12- 15.3

अगर ब्लड टेस्ट के बाद इसका लेबल सामान्य स्तर से बाहर है तो डॉक्टर आपको निम्न परीक्षण करने के लिए कह सकते हैं:

  • आयरन की कमी
  • किडनी खराब
  • विटामिन की कमी
  • आंतरिक रक्तस्राव
  • अस्थि मज्जा(बोन मैरो) स्वास्थ्य

अगर आपमें एनीमिया के कारण आयरन की कमी है तो इसके लिए समृद्ध खाद्य पदार्थ आपकी काफी मदद कर सकते हैं। गुर्दा डायलिसिस से गुज़र रहे लोगों के लिए, आयरन का इंजेक्शन सीधे नसों से देना सर्वोत्तम होता है।

अगर आपके गुर्दे पर्याप्त ईपीओ (एरिथ्रोपोइटीन) नहीं बनाते हैं तो आपका उपचार हार्मोन का सिंथेटिक संस्करण हो सकता है। आपको हर सप्ताह इसके दो इंजेक्शन को लेने की आवश्यकता हो सकती है।

इसके अलावा आपको एक और बात ध्यान रखने की आवश्यकता है कि कुछ लोगों में हीमोग्लोबिन बढ़ने के साथ-साथ हृदय रोग की संभावना भी बढ़ जाती है। इसके जोखिम को कम करने के लिए आप निम्न खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं..

  • बीन्स और मसूर
  • हरे पत्ते वाली सब्जियां
  • टोफू
  • मछली
  • सूखे फल, किशमिश
  • ओस्टर्स

ध्यान देने वाली बात है कि जब विटामिन सी का संयोजन फल और सब्जियों के साथ होता है तो शरीर आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है। बहुत अधिक चाय और कॉफी की खपत कम अवशोषण का कारण बन सकता है।

हर रोज हेल्दी खान-पान और नियमित व्यायाम आपकी काफी मदद कर सकता है। आप अपने ब्लड शुगर लेवल की निगरानी को भी प्राथमिकता दें और बीटओ स्मार्टफोन ग्लूकोमीटर का इस्तेमाल करें।

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