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डायबिटीज के लिए कौनसे योग करें और कैसे करें?

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करनी है डायबिटीज़ कंट्रोल तो करें यह योग
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योग के विभिन्न आसनों की एक श्रृंखला, लगभग 5,000 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही है। यह सिर्फ एक प्रकार का वर्कआउट नहीं है बल्कि यह कुछ ऐसा है जिसकी आपके शरीर को बेहतर जीवन जीने और स्वस्थ रहने के लिए आवश्यकता होती है। इसके अलावा डायबिटीज के लिए योग कितना जरुरी है यह भी जानना बहुत जरुरी है। इस ब्लॉग में डायबिटीज के लिए योग कौनसे करने चाहिए और कैसे करने चाहिए इसके बारे में विस्तार से बताया गया है।

डायबिटीज के लिए योग लाभ

डायबिटीज में योग आपके शुगर लेवल को नियंत्रण करने में और स्थिर बनाये रखने के साथ कई प्रकार के लाभ प्रदान करते हैं, जिनमें से कुछ के बारे में नीचे बताया गया है:

  • तनाव कम करता है: योग का अभ्यास तनाव हार्मोन यानि कोर्टिसोल के स्राव को कम करता है। यह एक ऐसी शारीरिक गतिविधि है जो नियंत्रित श्वास, खिंचाव और ध्यान के माध्यम से शरीर के आराम को बढ़ावा देती है।
  • हृदय स्वास्थ्य में सुधार: अध्ययनों से साबित हुआ है कि योग ब्लड प्रेशर को कम करके हृदय रोगों को कम कर सकता है, जो हृदय संबंधी समस्याओं का प्रमुख कारण है। योग कोलेस्ट्रॉल को कम करने और पुरे इम्यून सिस्टम में सुधार करने में भी मदद करता है।
  • चिंता से लड़ने में मदद करता है: लगातार योग अभ्यास से सेरोटोनिन के स्तर में वृद्धि होती है, जो कि एक हैप्पी हार्मोन है इसलिए, यह चिंता और तनाव से लड़ने में मदद कर सकता है।
  • नींद की गुणवत्ता में सुधार: स्वस्थ रहने के लिए शरीर का उत्तेजित होना ज़रूरी है, लेकिन इसकी बहुत अधिक मात्रा, तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। योग आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ से आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करके राहत प्रदान करता है।
  • लचीलापन और संतुलन बढ़ता है: बेहतर लचीलापन लगातार योग अभ्यास के मुख्य लाभों में से एक है। शारीरिक लचीलेपन के साथ, योग आंतरिक शांति को बड़ा कर के मानसिक संतुलन पर भी काम करता है। यह काम के साथ-साथ निजी जीवन में भी हमारे प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • सांस लेने में सुधार- ज़्यादातर योग आसनों में गहरी साँस लेने वाले आसन शामिल होते हैं और जिस से सांस लेने की प्रक्रिया में सुधार होता है। ऐसा कहा जाता है कि योग महत्वपूर्ण क्षमता को बढ़ाता है, यानी इस के द्वारा फेफड़ों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाया जा सकता है।

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डायबिटीज के लिए योग आपके ब्लड शुगर लेवल को कैसे प्रभावित करता है?

अध्ययनों से पता चला है कि योग को अपनी जीवनशैली में शामिल करने से शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। डायबिटीज के लिए योग के कुछ आसन पेट के कुछ क्षेत्रों को सिकोड़ते हैं और उन्हें आराम देते हैं। डायबिटीज के लिए योग अग्न्याशय रस के सही स्राव को बनाये रखने में मदद करता हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन और खून की आपूर्ति में सुधार होता है। परिणामस्वरूप, अग्न्याशय कोशिकाएं शरीर में इंसुलिन के स्राव को बढ़ाती हैं। यहां तक कि सांस लेने के व्यायाम भी अग्न्याशय की स्वस्थ कार्यप्रणाली में मदद करने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा, अपने शुगर लेवल पर नज़र रखने के लिए ग्लूकोमीटर आपका सबसे अच्छा मित्र साबित होता है।

डायबिटीज के लिए योग व्यायाम न केवल इंसुलिन उत्पादन में सुधार कर सकता है बल्कि हाइपोग्लाइसीमिया की संभावना को कम करने में भी मदद कर सकता है, एक ऐसी स्थिति जहां शुगर लेवल खतरनाक रूप से कम हो जाता है। इसके अलावा, यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) और ट्राइग्लिसराइड के स्तर के उत्पादन को भी कम करता है। योग के फायदे सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं। यह दिमाग को शांत करके और इसे शरीर के साथ एकीकृत करके बुनियादी स्तर पर डायबिटीज से ग्रसित लोगों की भी मदद कर सकता है।

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डायबिटीज के लिए योग

यहां डायबिटीज के लिए योग की सूची दी गई है, जो आपके शरीर के इंसुलिन उत्पादन को बढ़ाने और शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं।

बालासन/बाल मुद्रा

यह एक आराम वाली मुद्रा है जो आराम करने और अधिक इंसुलिन-उत्पादक बीटा-कोशिकाओं को विकसित करने में मदद करती है। यह पीठ दर्द, तनाव और थकान दूर करने में फायदेमंद है।

यह आसन कैसे करें?

  • चरण-1: घुटनों को कूल्हे की चौड़ाई के बराबर दूरी पर रखते हुए शरीर को घुटने टेकने की स्थिति में रखें।
  • चरण 2: अपने पेट को अपनी जाँघों के बीच आराम की स्थिति में लाएँ और अपने माथे से फ़र्श को छुइये।
  • चरण-3: फिर अपनी बाहों को पीछे की ओर फैलाएं, हथेलियाँ ऊपर की ओर हों या आपके सामने हों और हथेलियाँ नीचे की ओर हों।
  • चरण-4: उसी स्थिति में रहते हुए अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करें।

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सुप्त मस्त्येन्द्रासन/सुपाइन स्पाइनल ट्विस्ट

यह आसन पेट के निचले अंगों को उत्तेजित करने में मदद करता है, जिससे शुगर लेवल कम होता है। यह आपकी गर्दन, रीढ़ और पीठ के दर्द को कम करने में भी मदद करता है।

यह आसन कैसे करें?

  • चरण-1: लेट जाएं और अपने घुटनों को अपनी छाती के पास लाएं।
  • चरण-2: हथेलियों को नीचे की ओर रखते हुए अपनी बाहों को फैलाएँ।
  • चरण-3: घुटनों को कूल्हे के बराबर रखते हुए बाईं ओर लाने का प्रयास करें।
  • चरण-4: अपने सिर को दाहिनी ओर मोड़ें।
  • चरण-5: 2 मिनट तक इसी स्थिति में रहें और फिर इस प्रक्रिया को दाईं ओर दोहराएं।

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विपरीत करणी/लेग्स अप द वॉल पोज़

यह आसन आराम को बढ़ावा देने के साथ ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। इस आसन में काम करने वाली मांसपेशियाँ हैं, कूल्हे, निचली पीठ, सामने का धड़, हैमस्ट्रिंग और गर्दन का पिछला भाग।

यह आसन कैसे करें?

  • चरण-1: दीवार के सामने दाहिनी ओर सीधे लेटें और 90 डिग्री का कोण बनाएं।
  • चरण-2: जितना हो सके दीवार से सटाकर बैठें।
  • चरण-3: अपने शरीर को आराम दें, विशेषकर अपनी ठुड्डी, गले और गर्दन को।
  • चरण-4: हथेलियों को ऊपर की ओर रखते हुए अपनी बाहों को फैलाएँ
  • चरण-5: 10 मिनट तक इसी स्थिति में रहें।

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अर्ध मत्स्येन्द्रासन

यह शरीर को (ट्विस्ट) घुमाने वाला आसन है, जो पाचन और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। यह पेट के निचले अंगों की कार्यप्रणाली में भी सुधार करता है और इस प्रकार शरीर में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।

यह आसन कैसे करें?

  • चरण-1: क्रॉस-लेग्ड स्थिति में बैठें और फिर अपने बाएं पैर को दाहिने कूल्हे के बाहर की ओर ले जाएं।
  • चरण-2: अपने दाहिने पैर को बाएं पैर के ऊपर से क्रॉस करें ताकि आपका बायां पैर दाहिनी जांघ के बाहर रहे।
  • चरण-3: अपने शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और अपने दाहिने हाथ को अपने पीछे फर्श पर टिकाएं।
  • चरण-4: अपना बायां हाथ लाएं और इसे अपनी दाहिनी जांघ के बाहर रखें।
  • चरण-5: कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद दूसरी तरफ से दोहराएं।

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सुप्त बद्ध कोणासन/रिक्लाइनिंग बाउंड एंगल पोज़

रिक्लाइनिंग बाउंड एंगल पोज़ शरीर को शांत करता है और किडनी, मूत्राशय(ब्लैडर) और पेट के अंगों को उत्तेजित करके शुगर लेवल को कम करता है।

यह आसन कैसे करें?

  • चरण-1: अपने पैरों के तलवों को एक साथ लाएं और लेट जाएं।
  • चरण-2: अपनी हथेलियों को ऊपर की ओर रखते हुए अपनी बाहों को शरीर के साथ टिकाएं।
  • चरण-3: फर्श को छूने के लिए अपनी जांघों को नीचे दबाने का प्रयास करें। हालाँकि, अपने कूल्हों को आराम देना सुनिश्चित करें।
  • चरण-4: 5 मिनट तक इसी स्थिति में रहें।

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धनुरासन/धनुष मुद्रा

धनुरासन या धनुष मुद्रा छाती को खोलने और पेट के निचले अंगों को उत्तेजित करने में मदद करती है। इसके अलावा, यह श्वसन और पाचन संबंधी समस्याओं का भी समाधान करता है।

यह आसन कैसे करें?

  • चरण-1: हाथों को शरीर के बगल में रखते हुए पेट के बल लेट जाएं।
  • चरण-2: अपने घुटनों को मोड़ें और अपने हाथों को टखने के पास लाकर उन्हें पकड़ लें।
  • चरण-3: अपने सिर, छाती और घुटनों को ऊपर उठाएं।
  • चरण-4: 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर छोड़ दें।

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शवासन/शव मुद्रा

यह आसन एकाग्रता में सुधार और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है और आमतौर पर योग सत्र के अंत में किया जाता है।

यह आसन कैसे करें?

  • चरण-1: अपने पैरों को अपने कूल्हों से अधिक चौड़ा करके लेटें।
  • चरण-2: हथेलियाँ ऊपर की ओर रखते हुए अपनी बाहों को धड़ के पास रखें।
  • चरण-3: सुनिश्चित करें कि शरीर Y-आकार में है और आपका धड़ सीधी स्थिति में है।
  • चरण-4: अपने शरीर को आराम दें और 10-20 मिनट तक इसी स्थिति में रहें।

उम्मीद है कि इस ब्लॉग की मदद से आपको डायबिटीज के लिए योग के बारे में पता चल गया होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही महत्पूर्ण जानकारी और एक सही डायबिटीज मैनेजमेंट के बारे में जानने के लिए,ऑनलाइन ग्लूकोमीटर खरीदनेयाऑनलाइन हेल्थ कोच कंसल्टेशनबुक करने के लिएBeatOके साथ बने रहिये।

डिस्क्लेमर: इस लेख में बताई गयी जानकारी सामान्य और सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा सुझाव या सलाह नहीं है। अधिक और विस्तृत जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श लें। BeatoApp इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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Himani Maharshi

Himani Maharshi

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