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डायबिटीज टेस्टिंग: ग्लूकोमीटर का उपयोग

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ग्लूकोमीटर का उपयोग
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इंडिया टुडे के एक लेख के अनुसार, भारत में 110 मिलियन सक्रिय डायबिटीज रोगी हैं। यही नही, WHO का कहना है कि लगभग 25 मिलियन प्री-डायबिटीज हैं, जिन लोगों में इस बीमारी के विकसित होने का खतरा बहुत ज़्यादा है। जो कि काफी चिंताजनक है, और इस उच्च संख्या का कारण कहीं न कहीं ऐसी लाइफस्टाइल हैं, जिनमें तनाव, और अस्वास्थ्यकर नींद और खान-पान की आदतें शामिल हैं।

चिंताजनक बात यह है कि 50% पूर्व-डायबिटीज रोगियों को अपनी डायबिटीज की स्थिति के बारे में भी पता नहीं है, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों ही शामिल हैं। यह वह जगह है जहां ग्लूकोमीटर हाई शुगर लेवल से उत्पन्न होने वाली गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाने और उन का समाधान तलाशने में जीवनरक्षक और गेम चेंजर हो सकता है। जिसमें दिल का दौरा, स्ट्रोक, नर्वस सिस्टम और किडनी संबंधी समस्याएं शामिल हैं।

ग्लूकोमीटर और ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग का परिचय

ग्लूकोमीटर कॉम्पैक्ट, बैटरी के साथ और उपयोग में आसान चिकित्सा उपकरण हैं जो आपको अपने शरीर में ब्लड शुगर को मापने में मदद करता है। इन उपकरणों के साथ ब्लड ग्लूकोज की निगरानी करना बहुत सरल है। यहां तक कि शुरुआती समय में भी आप को किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं होती है। हालाँकि ग्लूकोमीटर की कीमत फीचर्स और ब्रांड के आधार पर अलग-अलग होती है।

अपनी आवश्यकताओं के लिए सही ग्लूकोमीटर चुनना

ब्लड शुगर ग्लूकोज मॉनिटर विभिन्न विशिष्टताओं और विशेषताओं के साथ आते हैं। आपको जिन विशेषताओं पर विचार करना चाहिए उनमें से कुछ हैं- डिस्प्ले/स्क्रीन आकार, निःशुल्क टेस्ट स्ट्रिप्स की संख्या। यदि आप इसे दृष्टिबाधित व्यक्ति के लिए खरीदारी कर रहे हैं, तो ऑडियो सुविधा वाली ग्लूकोमीटर मशीन चुनना एक महत्वपूर्ण लाभ हो सकता है।

सटीक ब्लड ग्लूकोज़ निगरानी के महत्व को समझना

सटीक ब्लड ग्लूकोज जाँच का महत्व सभी को पता है, और यह डायबिटीज से ग्रसित लोगों को उन चीज़ों के सेवन को कम करने में मदद कर सकता है जो ब्लड ग्लूकोज लेवल में बढ़ोतरी को ट्रिगर करते हैं। यदि सही तरीके से जाँच की जाए, तो यह न केवल सही ब्लड ग्लूकोज अनुपात को मैनेज करने में मदद करता है, बल्कि डॉक्टर को सही दवा और खुराक निर्धारित करने में भी मदद करता है। सभी सामान्य प्रकार की डायबिटीज के लिए शुगर जाँच मशीन की मदद से सटीक निगरानी से इससे होने वाली समस्याओं को रोकने और यहां तक कि उन्हें दूर करने में मदद मिलती है।

ब्लड ग्लूकोज़ जाँच की तैयारी

सबसे पहले, आपको यह समझने की आवश्यकता है कि डायबिटीज के तीन प्रकार होते हैं –

  • टाइप 1 – डायबिटीज का यह रूप सीधे तौर पर इंसुलिन की कमी से जुड़ा होता है, जो आमतौर पर ऑटोइम्यून बीमारी के कारण होता है।
  • टाइप 2 – लगभग 90% डायबिटीज रोगियों में टाइप 2 प्रकार होता है। यह खराब जीवनशैली की आदतों के कारण होता है।
  • टाइप 3 या गर्भावधि डायबिटीज – डायबिटीज का यह रूप कुछ गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है जिनमें गर्भावस्था के दौरान इंसुलिन प्रतिरोध विकसित हो जाता है।

शुगर परीक्षण मशीन से आपको कितनी बार अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करने की आवश्यकता है यह आपके डायबिटीज के प्रकार पर निर्भर करता है। यह दिन में दो बार से लेकर चार या इससे भी अधिक बार हो सकता है। अच्छी बात यह है कि यदि आप गैर-इंसुलिन दवा/तरीकों के माध्यम से अपने ग्लूकोज लेवल को मैनेज करते हैं और स्पाइक का कारण जानते हैं, तो आप इसे प्रति दिन केवल एक जाँच तक कम कर सकते हैं।

ब्लड ग्लूकोज जाँच के लिए ग्लूकोमीटर का उपयोग कैसे करें?

ब्लड ग्लूकोज जाँच के लिए ग्लूकोमीटर का उपयोग कैसे करें इसके लिए स्टेप्स नीचे बताई गई हैं:

  • अपने हाथ धोएं, विशेषकर अपनी उंगलियां।
  • मशीन/डिवाइस में टेस्ट स्ट्रिप्स डालें।
  • अपनी उंगली पर लेंसेट की मदद से खून की एक बूंद निकालें।
  • इसे टेस्ट स्ट्रिप्स के किनारे पर रखें।
  • किसी एंटीसेप्टिक लिक्विड से उंगली के आसपास लगे खून को पोंछ लें।
  • डिवाइस को आपकी रीडिंग मापने दें।

ब्लड ग्लूकोज रीडिंग की व्याख्या और रिकॉर्डिंग

ग्लूकोमीटर मशीन में ब्लड ग्लूकोज रीडिंग की व्याख्या या डिकोडिंग कई मापदंडों पर निर्भर करती है जैसे- उम्र, लिंग, डायबिटीज के प्रकार, अवधि और संबंधित बीमारियों की संख्या। जिस आधार पर आपका डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट आप को बेहतर सलाह दे सकते हैं।

  • स्वस्थ ब्लड ग्लूकोज रीडिंग (फास्टिंग) – 70 और 100 mg/dL के बीच
  • स्वस्थ ब्लड ग्लूकोज रीडिंग (खाने के बाद) – 125 mg/dL से कम
  • ज़्यादातर समय, डायबिटीज के लक्षणों को या तो नज़रअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में, घर पर ग्लूकोमीटर रखना एक अच्छा विचार है। नियमित जाँच आश्चर्यजनक परिणाम दे सकती है और इस प्रकार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रोका जा सकता है।

ध्यान दे-

नियमित आधार पर स्मार्टफोन से जुड़े ग्लूकोमीटर का उपयोग करके अपने ब्लड शुगर लेवल की जाँच करना महत्वपूर्ण है। अगर आपको इस बारे में संदेह है कि आपको किसी खास चीज़ का सेवन करना चाहिए या नहीं, तो आपको इसका सेवन करने से पहले और बाद में तुरंत शुगर की जांच करानी चाहिए। डायबिटीज होने के नाते, आप यह सुनिश्चित करके अपने पसंदीदा खाने का आनंद ले सकते हैं लेकिन साथ ही आपको खाने की मात्रा का ध्यान रखना होगा। ज़्यादा खाने से आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। अपने डॉक्टर से इस बात पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है कि खाने की कोई भी चीज़ आपके ब्लड शुगर लेवल को कैसे प्रभावित कर सकती है। अगर आपको इस बारे में कोई संदेह है कि आप अपने डायबिटीज के खान-पान में क्या शामिल कर सकते हैं, तो आपको हमेशा अपने डॉक्टर या हेल्थ कोच से बात करनी चाहिए।

उम्मीद है, इस ब्लॉग की मदद से आपको ग्लूकोमीटर का उपयोग कैसे करना है इसके बारे में पता चल गया होगा। डायबिटीज से जुड़े ऐसे ही अन्य तथ्य जानने के लिए BeatO के साथ बने रहिये।

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Jyoti Arya

Jyoti Arya

As a professional content writer, I am a curious and self-motivated storyteller. Experienced of writing buzz-worthy feature articles, blogs, reviews, audio books and content marketing pieces. I have experience of the development of fictional and nonfictional content. I am passionate about bringing ideas to life and crafting compelling content to captivate audiences.

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