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प्राकृतिक उपायों को अपनाकर डायबिटीज रिवर्सल की ओर कदम बढ़ाये

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प्राकृतिक उपायों को अपनाकर डायबिटीज रिवर्सल की ओर कदम बढ़ाये
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सबसे पहले, आपको यह समझने की ज़रूरत है कि डायबिटीज, विशेष रूप से टाइप 2 डायबिटीज, रिवर्सेबल है। लेकिन इसका मतलब केवल शुगर लेवल में कमी करना है, यह पूरा इलाज नहीं है। डायबिटीज रिवर्सेबल व्यायाम और खान-पान दोनों के सही मेल से हो सकता है। हालाँकि आप दवाएँ लेना बंद कर देंगे, फिर भी आपको अपनी नई लाइफस्टाइल को फॉलो करना होगा। कोई भी गलती आपके ग्लूकोज़ स्तर को बढ़ा देगी। टाइप-1 डायबिटीज वाले लोगों के मामले में, स्वाभाविक रूप से डायबिटीज रिवर्सेबल का मतलब केवल इंसुलिन का सेवन कम करना और लंबे समय की बीमारियों से आजादी। डायबिटीज की शुरुआत तब होती है, जब अग्न्याशय अपर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करता है या शरीर इस का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता है, इस स्थिति को “इंसुलिन प्रतिरोध” कहा जाता है।

दूसरी ओर, प्री-डायबिटिक होने का मतलब उन व्यक्तियों से है जो एक निश्चित सीमा (फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट रीडिंग 100 mg/dl से ऊपर लेकिन 125 mg/dl से नीचे) पार कर चुके हैं। सौभाग्य से, इस वर्ग में डायबिटीज रिवर्सल संभव है।

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प्री-डायबिटीज को कैसे उलटें?

प्री-डायबिटीज को कैसे ठीक करें, यह जानने से पहले आपको इसका कारण समझने की जरूरत है। हालाँकि इसका कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इसका इंसुलिन प्रतिरोध से कोई संबंध नहीं है। फिर भी, जीवनशैली की आदतों को बदलने, डायबिटीज के अनुसार ख़ान पान का पालन करने और अपने हेल्थ कोच के निर्देशों का पालन करने से इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। याद रखें, प्री-डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जहां ब्लड शुगर लेवल ज़्यादा लेकिन निर्धारित मूल्य से कम होता है।

डायबिटीज को प्राकृतिक रूप से ठीक करने और स्वस्थ भविष्य के लिए अपनाई जा सकने वाली रणनीतियों के बारे में अधिक जानने के लिए आगे पढ़ें।

डायबिटीज रिवर्सल क्या है ?

डायबिटीज न केवल एक गंभीर बीमारी है, बल्कि पेचीदा भी है। अगर इसे गंभीरता से लिया जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है और अगर इलाज न किया जाए या नजरअंदाज कर दिया जाए तो यह उतना ही ख़तरनाक हो सकता है। यह मानसिक रूप से भी प्रभावित करने वाली समस्या है। हालाँकि, ऐसे में यह न सोचे कि सब कुछ आप के नियंत्रण से बाहर हो गया है। जैसा कि पुरानी कहावत है, घने बादलों में भी एक उम्मीद की किरण छिपी होती है, और इसी तरह डायबिटीज भी है। हालाँकि टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसे आंशिक रूप से रिवर्स किया जा सकता है। किसी भी तरह से, आपको अपने डॉक्टर की सलाह और नियमों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। कोई भी चूक आपकी स्थिति को सामान्य से डायबिटीज में बदल देगी।

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पोषण की शक्ति – डायबिटीज को उलटने के लिए ख़ान-पान में बदलाव

यदि आप टाइप-2 डायबिटीज उलटना चाहते हैं, तो डाइट बहुत मायने रखती है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कार्ब-मुक्त खाना आपकी डायबिटीज में सुधार करने की अच्छी शुरुआत है। दूसरे, साबुत अनाज, फलियां, हरी पत्तेदार सब्जियां और कम जीआई वाले फल जैसे पोषक तत्वों से भरपूर चीज़ों को खाने से शुगर लेवल को कम करने में काफी मदद मिल सकती है और इस तरह डायबिटीज रिवर्सल संभव हो सकता है। मछली और मेवे इस कारण से महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ हैं और आप के खाने की थाली के लिए एक आदर्श घटक हैं। जबकि पहला ओमेगा -3 फैट से भरपूर है, दूसरा प्रोटीन, हेल्थी फैट, विटामिन, फाइबर जैसे पोषक तत्वों का एक पावरहाउस भी है। यहाँ लक्ष्य कार्ब और कैलोरी का सेवन कम करना है और इसे कम-जीआई खाद्य पदार्थों से बदलना है जो पोषक तत्वों से भरपूर हैं अगर आप दवा छोड़ना चाहते हैं? तो फिर ये रूटीन अपनाएं।

सेहतमंद जीवन की ओर बढ़ना – व्यायाम और शारीरिक गतिविधि

व्यायाम और शारीरिक गतिविधियाँ डायबिटीज में कई लाभ प्रदान करती हैं। इसमें शुगर लेवल में सुधार (वजन घटाने के कारण), हृदय संबंधी बीमारियों से और लंबे समय की बीमारियों से मुक्ति और अच्छी भावना का विकास शामिल है। नीचे बतायी गई कुछ अहम दिनचर्या हैं, जो आपको अच्छे स्वास्थ्य की ओर बढ़ने में मदद करेंगी और आपके “डायबिटीज़ रिवर्सल” के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेंगी।

  • 10 मिनट की स्ट्रेचिंग/मांसपेशियों को ढीला करने वाली कसरत।
  • 10 मिनट एरोबिक्स, जैसे तेज चलना, दौड़ना, तैरना या साइकिल चलाना।
  • 10 मिनट रेजिस्टेंस ट्रेनिंग जैसे स्क्वाट, लंजेस, डेडलिफ्ट या प्रतिरोध बैंड व्यायाम।
  • हालाँकि, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि ये व्यायाम आपके खाने और डायबिटीज कारकों (दवा और इंसुलिन सेवन) के अनुसार हैं। 150 मिनट की अवधि के साथ सप्ताह में 5 बार वर्कआउट करने का विचार करें।

स्ट्रेस मैनेजमेंट और डायबिटीज – प्रभाव को कम करना

कई चिकित्सा अध्ययनों ने साबित किया है कि तनाव उन कारकों में से एक है जो खून में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है। हमारा शरीर शारीरिक और मानसिक उथल-पुथल पर इसी तरह प्रतिक्रिया करता है। जब प्रतिकूल परिस्थितियाँ हमें घेर लेती हैं तो हमारा शरीर अचानक तनाव से लड़ने और मूड में सुधार करने के लिए कुछ हार्मोन जारी करता है। यदि तनाव लगातार बना रहे, तो शरीर द्वारा जारी हार्मोन इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बन सकता है।

तनाव भी व्यक्तियों को भागने के रास्ते तलाशने पर मजबूर कर देता है। और सबसे आम और आसान विकल्पों में से एक है ज़्यादा खाना। इससे स्थिति और भी बिगड़ जाती है। इसके कारण शुगर लेवल बढ़ सकता है, जो आपके टाइप-2 डायबिटीज के रिवर्सल के लक्ष्य में मुश्किल बन सकता है। तनाव, टाइप-1 डायबिटीज वाले लोगों के लिए गंभीर हो सकता है क्योंकि तनाव के कारण उन के शुगर लेवल को मैनेज करना बेहद मुश्किल हो सकता है। तनाव को दूर करने के आप योग, साँस लेने के व्यायाम, दवाएँ अपना सकते हैं।

अपनी प्रगति पर नज़र रखें – सुधारों की निगरानी करें और उसका जश्न मनाये।

इंसुलिन रेजिस्टेंस, खान-पान और व्यायाम के प्रभाव की जाँच और ट्रैकिंग भी महत्वपूर्ण है। जैसा कि पहले बताया गया है, आपके खाने में न्यूनतम कार्ब्स और ज़्यादा पोषक तत्व होने चाहिए। आप कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट सेवन पर भी नज़र रखें। टाइप-1 डायबिटीज वाले लोगों के लिए, सीजीएम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपको अपने ब्लड ग्लूकोज के स्तर को बार-बार जांचना चाहिए, क्योंकि ख़ान -पान और व्यायाम इस मार्कर को महत्वपूर्ण रूप से बाधित कर सकते हैं। आपको कभी-कभी इसमें बदलाव करने की भी ज़रूरत होगी। टाइप-2 और प्री-डायबिटीज वाले लोग एक ग्लूकोमीटर और ग्लूकोमीटर स्ट्रिप्स से काम चला सकते हैं। लेकिन प्री-डायबिटीज की समस्या अक्सर एक रहस्य बनी रहती है। ऐसे में शरीर के कुछ हिस्सों की त्वचा के काले पड़ने पर ध्यान दें। यह इंसुलिन प्रतिरोध लक्षणों में से एक है।

गतिविधि ट्रैकर्स

प्री-डायबिटीज और डायबिटीज रोगी भी वर्कआउट के प्रभाव की निगरानी के लिए गतिविधि ट्रैकर्स का उपयोग कर सकते हैं, यह आप को सही जानकारी प्रदान करता है, जिसमें दूरी तक चलना/दौड़ना, कैलोरी की खपत और यहां तक कि दिल की धड़कन भी शामिल है।

निष्कर्ष

डायबिटीज एक पुरानी बीमारी है जिसे दवाओं के साथ कई और तरीकों से मैनेज करने की आवश्यकता है। यदि आप दवाओं के सेवन से थक गए हैं, तो इंसुलिन रेजिस्टेंस, ख़ान -पान और व्यायाम आपके शुगर लेवल स्तर को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। हालाँकि, स्वाभाविक रूप से डायबिटीज का मुकाबला करने का मतलब निरंतर खान-पान और व्यायाम वाली दिनचर्या का पालन करना होगा। कोई भी गलती मौजूदा स्थिति को बदल सकती है क्योंकि डायबिटीज रिवर्सल संभव है लेकिन इसका 100% इलाज नहीं है।

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Himani Maharshi

Himani Maharshi

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