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फैटी लिवर के कारण क्या हैं और डायबिटीज इसे कैसे प्रभावित करता है?

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आज कल विश्व स्तर पर सबसे ज्यादा प्रचलित क्रोनिक लीवर रोग, नॉन-ऐल्कोहॉल फैटी लीवर रोग है। टाइप 2 मधुमेह मेलिटस नॉन -ऐल्कोहॉल फैटी लीवर रोग (NAFLD) के उच्च प्रसार से जुड़ा है, जो संभवतः मोटापे और इंसुलिन प्रतिरोध के उच्च प्रसार के कारण होता है। इस ब्लॉग में फैटी लिवर के कारण के बारे में विस्तार से बताया गया है।

अगर आपको डायबिटीज (मधुमेह) है, तो आपको फैटी लीवर रोग होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। कई बार ऐसा भी होता है अगर आप बहुत कम या बिल्कुल भी शराब नहीं पीते हैं, तो भी आपके लीवर में वसा जमा हो जाता है, फैटी लीवर ही इस रोग का मुख्य कारण है। आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि टाइप 2 डायबिटीज फैटी लिवर के कारण में से एक है।

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क्या डायबिटीज, नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर के कारण हो सकते हैं?

डायबिटीज नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लीवर के कारण है। क्रोनिक फैटी लीवर रोग, लीवर कोशिकाओं(लीवर सेल्स) में लिपिड के बहुत ज्यादा इकट्टा होने के कारण होता है। जो शराब के ज्यादा सेवन के अलावा अन्य कारणों से विकसित होता है, जिसके कारण अन्य प्रकार का लीवर रोग होता है।

जबकि लीवर में स्वाभाविक रूप से कुछ वसा होती है, लेकिन जब वसा का संचय लीवर के वजन के 5-10% से अधिक हो जाता है तो उस समस्या को क्रोनिक फैटी लीवर रोग कहा जाता है ।

प्री-डायबिटीज या प्रत्यक्ष मधुमेह (हाइपरग्लाईसेमिया) के संदर्भ में, उच्च ग्लूकोज स्तर, ट्राइग्लिसराइड उत्पादन के लिए अतिरिक्त आधार(सब्सट्रेट) प्रदान करता है। हेपेटिक वसा के बनने में बहुत कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (वीएलडीएल) के खराब स्राव से भी मदद मिलती है, जो कि अक्सर इंसुलिन प्रतिरोध के कारण होता है।

मधुमेह वाले व्यक्तियों में फैटी लिवर के कारण

मधुमेह वाले व्यक्तियों में मोटापा या अधिक वजन होना फैटी लिवर के कारण का पहला कारण है।

NAFLD का विकास फ्रुक्टोज की ज्यादा मात्रा में उपयोग करने से होता है अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर वाले लोगों में भी NAFLD होने की संभावना अधिक होती है।

फैटी लीवर रोग के क्या-क्या लक्षण होते है

फैटी लीवर रोग के लक्षण असामान्य हैं। फैटी लिवर के कारण सिरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है, यह एक ऐसी समस्या है जो कि फैटी लिवर के कारण बनती है। साथ ही, इससे किडनी रोग, हृदय रोग और लीवर कैंसर की संभावना भी बढ़ जाती है। लीवर सिरोसिस के लक्षणों में मतली, वजन कम होना, भूख कम लगना, पेट और पैरों में सूजन, त्वचा और आंखों के सफेद भाग का पीला पड़ना, मांसपेशियों में कमजोरी और जल्दी थकान लगना शामिल हैं।

डायबिटीज (मधुमेह) वाले व्यक्ति फैटी लीवर रोग से खुद को कैसे सुरक्षित करे

जिन्हें मधुमेह है, वह निम्नलिखित सलाह का पालन करके फैटी लीवर रोग के खतरे से बच सकते हैं-

  • अपनी मेडिकल टीम के साथ मिल कर काम करके अपने ब्लड शुगर लेवल को प्रबंधित करें।
  • अगर आपको वजन कम करने की ज़रुरत है,वर्कआउट करे ,और नियत्रित वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
  • अपने ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए कुछ उपाय करें।
  • “खराब” कोलेस्ट्रॉल, जिसे कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) भी कहा जाता है, और रक्त वसा (ब्लड फैट), जिसे ट्राइग्लिसराइड्स भी कहा जाता है, के सही स्तर को बनाए रखें।
  • शराब का ज्यादा सेवन करने से बचें।

अगर आप टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित हैं तो क्या आप फैटी लीवर को सही कर सकते है?

NAFLD को दवा से उलटा नहीं किया जा सकता। लेकिन एक सही जीवनशैली के विकल्पों को अपनाकर, आप इस समस्या को बढ़ने से रोक सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में, इसके प्रभावों को उलट भी सकते हैं। इनमें शामिल हैं – स्वस्थ वजन बनाए रखना, सेहतमंद और संतुलित खान-पान, अपने व्यायाम के स्तर में सुधार करना और आपके ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को नियंत्रित करना।

जब आपको शुरूवात में मधुमेह का पता चलता है, तो आपका डॉक्टर आपके लीवर का अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दे सकता है। अपने डॉक्टर द्वारा किये जाने वाले NAFLD के निदान को नज़रअंदाज़ न करें। फैटी लीवर रोग को उसके सबसे गंभीर चरण, जिसे एनएएसएच (नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस) के रूप में जाना जाता है, तक बढ़ने से रोकने के लिए तुरंत इलाज का रास्ता अपनाना महत्वपूर्ण है।

यदि आपको इस बारे में कोई संदेह है कि आप अपने मधुमेह के खान-पान में क्या शामिल कर सकते हैं, तो आपको हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य प्रशिक्षक से बात करनी चाहिए। अगर आप अपने शुगर लेवल को नियंत्रित सीमा के अंदर रखना चाहते हैं तो अपने स्वास्थ्य प्रशिक्षक द्वारा दी गई सभी सलाह का पालन करें। इसके अलावा, नियमित रूप से अपने शुगर लेवल की जांच करना न भूलें।

उम्मीद है कि इस ब्लॉग की मदद से आपको फैटी लिवर के कारण के बारे में पता चल गया होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही महत्पूर्ण जानकारी और एक सही डायबिटीज मैनेजमेंट के बारे में जानने के लिए,ऑनलाइन ग्लूकोमीटर खरीदनेयाऑनलाइन हेल्थ कोच कंसल्टेशनबुक करने के लिएBeatOके साथ बने रहिये।

डिस्क्लेमर: इस लेख में बताई गयी जानकारी सामान्य और सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा सुझाव या सलाह नहीं है। अधिक और विस्तृत जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श लें। BeatoApp इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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Jyoti Arya

Jyoti Arya

As a professional content writer, I am a curious and self-motivated storyteller. Experienced of writing buzz-worthy feature articles, blogs, reviews, audio books and content marketing pieces. I have experience of the development of fictional and nonfictional content. I am passionate about bringing ideas to life and crafting compelling content to captivate audiences.

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