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क्या डायबिटीज़ रिवर्सल है मुमकिन?

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डायबिटीज़ रिवर्सल
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‘डायबिटीज़ रिवर्सल’ शब्द का उपयोग तब किया जाता है जब आप सर्जरी या दवाओं के बिना अपने HbA1c (औसत ब्लड ग्लूकोज़) को 6.5 प्रतिशत से कम करने में सक्षम होते हैं ।

सरल शब्दों में, टाइप 2 डायबिटीज वाले लोग जो डायबिटीज़ की दवाओं का उपयोग किए बिना अपने HbA1c को 6.5 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम हैं, उन की डायबिटीज़ को डायबिटीज़ रिवर्सल’ कहा जाता है ।

हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि HbA1c को 6.5 प्रतिशत से कम बनाए रखने के लिए व्यवहार और जीवनशैली में बदलाव का लम्बे समय तक पालन करना बहुत ज़रूरी है ।

क्या डायबिटीज़ रिवर्सल संभव है?

यदि आप को डायबिटीज़ हैं, तो आपने अपने जीवन में कभी न कभी यह सवाल ज़रूर पूछा होगा कि क्या मैं कभी इस स्थिति से बाहर आ पाऊँगा? इस सवाल का जवाब सीधे शब्दों में ‘हां’ या ‘नहीं’ में देना मुश्किल है। कई अध्ययन से पता चला है कि कुछ रोगियों के लिए “डायबिटीज़ रिवर्सल” संभव है ।

डायबिटीज़ रिवर्सल किस के लिए संभव हो सकता है?

टाइप 2 डायबिटीज़ और प्री-डायबिटीज़ वाले लोग, सही चिकित्सा देखभाल और जीवन शैली में बदलाव पर डायबिटीज़ एक्सपर्ट की नियमित सलाह से डायबिटीज रिवर्स कर सकते है ।

टाइप 2 डायबिटीज़ की विशेषता, असामान्य रूप से हाई ब्लड ग्लूकोज (शुगर) का स्तर है। इस में, शरीर इंसुलिन का कुशलता से उपयोग नहीं करता है और ब्लड शुगर का स्तर सामान्य सीमा के अंदर नहीं रहता है ।

डायबिटीज़ रिवर्सल किस के लिए संभव नहीं है?

कई बार स्थितियां ऐसी होती है जहाँ डायबिटीज़ रिवर्सल संभव नहीं है, जिनके बारे में नीचे बताया गया है:

  • टाइप 1 डायबिटीज़
  • गर्भावस्था
  • कैंसर
  • किडनी फेलियर
  • पैंक्रियाटाइटिस
  • पाईरुवेट कार्बोएक्सवाईलेस डेफिशियेंस
  • हाइपरकाइलोमाइक्रोनेमिया
  • कैंसर

ऐसी स्थितियाँ जिनमें डायबिटीज़ रिवर्सल के लिए सावधानी की आवश्यकता होती है

जिस व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, गाल ब्लैडर रिमूवल, किडनी की कार्यक्षमता में कमी, किडनी में पथरी और गठिया जैसी कोई भी समस्या हो उन्हें ‘डायबिटीज़ रिवर्सल’ के समय सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि इन स्थितियों में डायबिटीज रिवर्सल मुश्किल है या मुमकिन नहीं है।

टाइप 2 डायबिटीज़ रिवर्सल

रिसर्च के अंतर्गत यह बात सामने आई है कि अभी तक टाइप 2 डायबिटीज़ को ठीक करना संभव नहीं है। हालांकि, व्यक्ति या तो अपनी डायबिटीज़ रिवर्स कर सकते हैं या उस में सुधार कर सकते हैं।

एडीए, ईएएसडी, एंडोक्राइन सोसाइटी और डायबिटीज यूनाईटेड किंगडम जैसे अंतरराष्ट्रीय संघों द्वारा जारी आम सहमति में दिए गये बयान के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए डायबिटीज़ रिवर्स तब संभव है जब उनका HbA1c 6.5 प्रतिशत से कम हो, वो भी बिना किसी ब्लड शुगर को कम करने वाली दवाओं के और वह भी कम से कम तीन महीने।

डायबिटीज़ रिवर्सल की प्रक्रिया

‘डायबिटीज़ रिवर्सल’ पर विचार करने से पहले डायबिटीज़ के मूल कारण को समझना ज़रूरी है।

क्या आप ने अपनी चाय में चीनी का उपयोग बंद कर दिया है और अपना पसंदीदा मीठा खाने से परहेज किया है और क्या आप अब भी अपने ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं?

डायबिटीज़ के मुख्य कारणों में से एक कारण आपका आप की क्षमता से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना है। डायबिटीज़ से पीड़ित बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि वे कार्बोहाइड्रेट इन्ˈटॉलरन्‍ट्‌ है और कार्ब्स के अत्यधिक सेवन से उनके ग्लूकोज में तेजी से वृद्धि हो रही है। जो लोग अपना वजन कम कर सकते हैं वह संभावित रूप से डाइट और संयम के साथ अपनी डायबिटीज़ को रिवर्स कर सकते हैं।

किसी भी व्यक्ति को डायबिटीज़ है यह पता चलने के जितनी जल्दी बाद यह शुरू किया जाए उतनी ही जल्दी इस के ठीक होने की संभावना रहती है। दूसरे शब्दों में जिन्हें डायबिटीज़ की समस्या हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है, उन्हें डायबिटीज़ से छुटकारा मिल सकता है ।

पोषाहार किटोसिस

इस की प्रक्रिया तब होती है जब किसी व्यक्ति के शरीर में पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट की कमी होती है और इसलिए, वह ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत के रूप में फैट को बर्न करता है – वजन घटाने में मदद करने और इंफ्लेमेटरी इंडिकेटर जैसे कि लिपिड, HbA1c, उच्च-संवेदनशीलता CRP, फास्टिंग इंसुलिन और ग्लूकोज स्तर।

तेजी से औद्योगीकरण और सस्ते एनर्जी ड्रिंक्स प्रोसेस्ड फ़ूड की आसान उपलब्धता के साथ, बढ़ती संख्या में लोग इन सुविधाजनक खाद्य पदार्थों के आदी हो गए हैं। इससे मोटापे की दर में वृद्धि हुई है और मेटाबोलिक फिटनेस में गिरावट आई है।

आहार कार्बोहाइड्रेट को सीमित करने से इंसुलिन सेक्रशन यानि इंसुलिन स्राव को निचले स्तर पर रखने में मदद मिल सकती है। शरीर तब केटोसिस नामक एक मेटाबोलिक अवस्था में प्रवेश कर सकता है, जो ग्लूकोज के विकल्प के रूप में शरीर में व्यावहारिक रूप से प्रत्येक कोशिका को ईंधन प्रदान करने के लिए लिवर में उत्पादित वसा उत्पन्न करने वाले केटोन्स पर निर्भर करता है।

इसे दुसरे शब्दों में समझे तो, आपको कार्ब्स को कम या प्रतिबंधित करना चाहिए जो आपके ब्लड शुगर और इंसुलिन के स्तर को बढ़ाते हैं इसलिए पर्याप्त प्रोटीन और अच्छी गुणवत्ता वाले वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करे । अपने कार्ब सेवन को कम करके, आप अपने शरीर को ईंधन स्रोत के रूप में वसा का उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं, जो लंबे समय तक ब्लड ग्लूकोज स्पाइक्स को कम करने में मदद करता है।

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Jyoti Arya

Jyoti Arya

As a professional content writer, I am a curious and self-motivated storyteller. Experienced of writing buzz-worthy feature articles, blogs, reviews, audio books and content marketing pieces. I have experience of the development of fictional and nonfictional content. I am passionate about bringing ideas to life and crafting compelling content to captivate audiences.

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